Tuesday, October 27, 2009

इस हस्पताल में,
सब कुछ है, और माहिर फ़न डाक्टर भी हैं,
सांसें मशीन के जरिये चलती रहती हैं,
और बोतलों में भर के खून मिलता रहता है
'लिवर' भी ठीक दामों पर मुहैया होता है
आंखें बदलने के लिए, आंखों के बैंक हैं ।

मैं, 'हार्ट-बाईपास' करा रहा हूं ऐ खुदा
डाक्टर फ्रेज़र एक्सपर्ट हैं
ऐसी शदीद तेरी जरूरत नहीं मगर
गर वक्त है, तो आ ना, पास बैठ
कोई बात करेंगे !!

- गुलज़ार


No comments:

Post a Comment